दिवाली 2019 पूजा विधि और शुभ मुहूरत

दिवाली पूजा विधि Deepawali Pujan Vidhi in Hindi

दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है. दिवाली जिसे दीपावली भी कहा जाता है साल 2019 में दीवाली का त्योहार पूरे भारतवर्ष में 27 अक्तूबर रविवार के दिन मनाया जाएगा. साल 2018 में 7 नवंबर को मनाई गयी थी. इस दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है. दीवाली यानी दीपावली को दीपों का त्योहार यानी “रोशनी का त्योहार” भी कहा जाता है. इस दिन घरों में दिए और मोमबत्तियाँ जलाई जाती हैं. घरों को दिए की रोशिनी और बल्बों की लड़ियों से जगमग सजाया जाता है. घर के हर एक कोने को प्रकाशमय की जाता है. घरों को रंगीन रंगोलियों से सजाया जाता है. रंग बिरंगे बल्ब की लड़ियों से घरों को सजाया जाता है.

Diwali Puja Date & Laxmi Puja Date in Hindi

अगर आपके मन में दीवाली 2019 कब है? जैसे प्रश्न उठ रहे हैं तो कोई बात नही इस पोस्ट में हम आपको बतायें की दीवाली की तारीख क्या हैं और इस दिन कों सी पूजा होनी है.

दिवाली पूजा का पहला दिन– 25 अक्तूबर दिन को धनतेरस पूजा है. धनतेरस पूजा को धनवंतरि त्रयोदशी भी कहते हैं. इस दिन भगवान धनवंतरि की पूजा अर्चना की जाती है और यम देव की भी पूजा की जाती है.

दिवाली पूजा तीसरा दिन 26 अक्तूबर को नारक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन बंगाल में माँ काली की पूजा भी होती है जिसे बंगाल काली पूजा कहा जाता है

Bengal Kali Puja Date and Puja Timings 2019

काली पूजा निशिता समय = 11:38 PM से 00:32 AM तक

बंगाल काली पूजा शुभ मुहूरत समय = 0 घंटे 55 मिनट

दिवाली पूजा तीसरा दिन 27 अक्तूबर को लक्ष्मी पूजा यानी दिवाली पूजा होगी.

दिवाली पूजा चौथा दिन- 28 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा होगी.

दिवाली का पाँचवा दिन- 28 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन बहिनें अपने भाई की लंभी उमर की कामनायें करती हैं और उनको पूजती हैं.

Diwali puja 2018

दिवाली त्योहार का महत्व Importance of diwali festival in hindi

दिवाली का महत्व- दिवाली प्रकाश पर्व है. बुराइयों को हटाने का पर्व है, अंधकार को हटाने का त्योहार है दीवाली, आपसी भाई चारे का पर्व है दीवाली, समानता, सच्चाई, और खुशहाली का त्योहार है दीवाली. विश्वभर में रहने वाले हिंदू धर्म के अनुयायी इस त्योहार को बहुत ही धूम धाम से मानते है. यह त्यौहार भारत, नेपाल, बंग्लादेश, पाकिस्तान, सिंगापुर, मलेसिया, श्रीलंका, इंडोनेसिया, न्यूज़ीलैंड, फिजी, मारीशस, इंग्लेंड, अमेरिका, सूरीनाम, त्रिनिदाद, दक्षिण अफ्रीका में मनाया जाता है.

दीपावली के दौरान लोग नये समान, कारें और सोने चाँदी के गहने खरीदते हैं. लोग अपने घर के लिए कपड़े, उपहार, और रसोई के बर्तन आदि खरीदते हैं.  अपने घर के सदस्यों, मित्रजनो और दोस्तों को उपहार स्वरुप मिठाइयाँ व सूखे मेवे खरीदते हैं. इस दिन बच्चे आतिशबाजी करते हैं. लड़कियाँ और महिलाऐं खरीदारी के लिए करती है. घर को सजाती है और रंगीन रंगोलीऔर अन्य रचनात्मक पैटर्न बनाती हैं.

और पढ़ें- धनतेरस पूजा सामग्री, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

दीवाली का धार्मिक महत्त्व Religious significance of Diwali in Hindi

प्राचीन हिंदू ग्रन्थ रामायण के अनुसार हिंदू धर्म में लोग दीपावली का त्योहार इसलिए मानते हैं क्यूंकी इसीदिन भगवान राम, माता सीता और उनके भाई लक्ष्मण की 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या में वापसी होती है. उनके अयोध्या लौटने की खुशी में लोग आतिशबाज़ी करते हैं और घरों को दियों की रोशनी से प्रकाशित करते हैं.  इस तरह दीवाली का त्योहार बुराई में अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया जाने लगा.

एक अन्य कथा के अनुसार दीपावली का त्योहार धन, सुख और समृद्धि की देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है. दीवाली का त्योहार समुद्र मंथन से पैदा हुई लक्ष्मी के जन्म दिवस से शुरू होता है. दीपावली के दिन माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में चुना और फिर उनसे शादी की. इसलिए दीवाली के दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. दीपावली को विष्णु की वैकुण्ठ में वापसी के दिन के रूप में भी मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं और जो लोग उस दिन उनकी पूजा करते है वे हमेशा सुखी, सम्रधऔर धनवान होते हैं.

दिवाली पूजा विधि Diwali puja vidhi hindi

Laxmi pujan 2019- दिवाली पूजन यानी लक्ष्मी पूजा में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्यूंकी माता लक्ष्मी केवल. साफ स्वच्छ जगह ही विराजमान होती हैं. पूजा शुरू करने से पहले सारी पूजा सामग्री तैयार कर लें और घर में बने मंदिर या पूजास्थल में रख लें. हिंदू धर्म में कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान गणेश की पूजा होती है इसलिए दिवाली पूजन में सबसे पहले श्री गणेश जी का ध्यान करें.  इसके बाद गणपति को स्नान कराएं और नए वस्त्र और फूल अर्पित करें. इसके बाद देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें. मां लक्ष्मी की प्रतिमा (मूर्ति) को पूजा स्थान पर रखें. मूर्ति में मां लक्ष्मी का आवाहन करें. दोनो हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करें कि वे आपके घर आयें.

अब लक्ष्मी जी को पहले जल, फिर पंचामृत और फिर वापस जल से स्नान करायें. उन्हें वस्त्र अर्पित करें, आभूषण और माला पहनायें. इसके बाद माता लक्ष्मी को इत्र अर्पित कर कुमकुम का तिलक लगायें. अब धूप व दीप जलाएं और माता के पैरों में गुलाब के फूल अर्पित करें.  फिर बेल पत्थर और उसके पत्ते उनके पैरों के पास रखें. इसके बाद 11 या 21 चावल अर्पित कर आरती करें. आरती के बाद परिक्रमा करें और उन्हें भोग लगायें. इसके बाद घर के सभी लोग मिलकर माता की आरती करें और लक्ष्मी मंत्रों का उच्चारण करें. सभी लोग माता से आशीर्वाद लें. घर के बड़े लोगों में से कोई भी पंचामृत और गंगा जल को घर की चारों दिशाओं में छिड़कें. सभी लोग प्रसाद ग्रहण करें. और माता से कृपा बनाए रखने की कामनायें करें.

Laxmi Puja Mantra in Hindi

लक्ष्मी पूजा मंत्र- Laxmi Puja Mantra in Hindi

लक्ष्मी पूजा में इन मंत्रों से करें लक्ष्मी पूजन, मिलेगा सुख-समृद्धि और धन भंडार. नीचे कुछ प्रमुख लक्ष्मी पूजा मंत्र दिए हैं जिन्हें आप लक्ष्मी पूजन के समय जाप कर सकते हैं.

लक्ष्मी पूजा पहला मंत्र- 1st Laxmi Puja Mantra

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

लक्ष्मी पूजा दूसरा मंत्र- 2nd Laxmi Puja Mantra

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ

लक्ष्मी पूजा तीसरा मंत्र3rd Laxmi Puja Mantra

ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा

महालक्ष्मी मंत्र- Maha Laxmi Mantra

ऊं सर्वाबाधा विनिर्मुक्तों धन धान्य: सुतान्वित:, मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय: ऊं

लक्ष्मी गायत्री मंत्र- Laxmi Gaytri Mantra

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ

दीपावली पूजन सामग्री लिस्ट- Diwali Puja Samagri List in Hindi

Diwali Puja Samagri List in Hindi

Diwali Puja Samagri दीपावली पूजा का सामान इस प्रकार है:

रोली, चावल, पान ,कुमकुम, धुप, इलाची, लोंग, सुपारी, कपूर, कलश, माला, अगरबत्तियां, मिट्टी तथा तांबे के दीपक, रोइ, कलावा, नारियाल, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ ,गेहू, चन्दन, सिन्दूर, घृत, पंचामर्त, शंख, चांदी का सिक्का, दीपक, दूध, मेवे, घी , यज्ञोपवीत (जनेऊ), श्वेत वस्त्र, चोकी , खील ,बताशे, मिठाई, थाली, आसन, लक्ष्मी, सरस्वती व गणेश जी का चित्र या प्रतिमा.

उम्मीद है हमारी पोस्ट “दिवाली पूजा विधि – महत्व शुभ महूर्त, और लक्ष्मी पूजा मंत्र” आपको पसंद आई होगी. कॉमेंट कर जरूर बतायें. हिन्दी दैनिक की पूरी टीम की तरफ से आप सभी को दीवाली की हार्दिक शुभ कामनायें.

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