गुड फ्राइडे की जानकारी

गुड फ्राइडे- Good Friday Festival in Hindi

बाइबिल के अनुसार ईसा मसीह जिनको यीशु भी कहा है परमपिता परमेश्वर के पुत्र थे। ईसा मसीह सत्य, शांति और भाईचारे का संदेश दिया करते थे और लोगों को बताया करते थे की अब परमपिता परमेश्वर का राज्य स्थापित होगा. उनकी लोकप्रियता और लोगों में बढ़ते प्रभाव के कारण उस समय के क्रूर शासक ने उनको मृत्यु दंड की सज़ा सुनाई और इस तरह ईशा को सूली पर चढ़ाया गया और जिस दिन उन्होंने प्राण त्यागे थे उस दिन शुक्रवार यानी फ्राइडे था. इसलिए ईसाई धर्म में इस दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है. गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह ने मानवता, सत्य और भाईचारे के लिए अमानवीय यातनाएं सहते हुए अपने प्राण त्याग दिए. प्रभु यीशु ने अपना जीवन लोगों में प्रेम, सत्य और विश्वास जगाने के लिए समर्पित किया. गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को याद किया जाता हाउ और लोग उनके दिए उपदेशों पर चलने का प्रण लेते हैं।

गुड फ्राइडे के दूसरे नाम- Other name of “Good Friday” in Hindi

क्यूँकी इस दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था इसलिए लोग इस दिन को शौक दिवस के रूप में मानते हैं और काले कपड़े पहनकर शोक व्यक्त करते हैं। प्रभु यीशू ने धरती पर बढ़ रहे अत्याचार आर पाप के लिए अपने प्राणो का बलिदान दिया इसलिए गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे (Holy Friday), ग्रेट फ्राइडे (Great Friday) और ब्लैक फ्राइडे (Black Friday) भी कहा जाता है.

गुड फ्राइडे 2018- Good Friday date in 2018

इस साल यानी 2018 में गुड फ्राइडे 30 मार्च को मनाया जाएगा। गुड फ्राइडे के दिन भारत में सरकारी छुट्टी होती है. लोग चर्च जा जाते है और प्रभु यीशू को याद करते हैं और स्पेशल प्रेयर की जाती हैं.

गुड फ्राइडे का महत्व- Importance of Good Friday in Hindi

ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए गुड फ्राइडे का विशेष है. इस दिन प्रभु ईसा के उपदेशों, वचनों और उनकी दी गयी शिक्षाओं को न केवल याद किया जाता है, बल्कि उन्हें नीजि ज़िंदगी में अमल लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. कुछ लोग फ्राइडे को उपवास रखते हैं और प्रेयर (प्रार्थना) करते हैं. लेकिन बहुत से लोग मानवता के लिए अपने प्राणो का बलिदान करने वाले प्रभु यीशू की कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 40 तक उपवास भी रखते हैं, जो ‘लेंट’ कहलाता है.

गुड फ्राइडे सेलिब्रेशन के तरीके- Good Friday celebrations around the world

गुड फ्राइडे एक तरह का शोक का दिन है. बाइबिल के अनुसार ईशा लगभग 6 घंटों तक सूली में लटकते रहे और करीब दोपहर तीन बजे ईसा ने प्राण त्यागे थे. इसलिए दोपहर तीसरे पहर चर्च में स्पेशल प्रेयर की जाती है और करीब 3 घंटे तक चलती है.

इस दिन लोग काले कपडे पहन कर चर्च जाते है. क्यूँकी लोग इसे शोक का दिन भी कहते हैं इसलिए इस दिन प्रेयर में कैंडल नही जलाई जाती है. स्पेशल प्रेयर में लोगों को प्रभु यीशू द्वारा बताए गये मानवता, शांति, भाईचारे और एकता का पाठ पढ़ाया जाता है और आपस में मिलजुल कर रहने और परम पिता परमेश्वर की आरधना करने का पाठ याद कारया जाता है.

गुड फ्राइडे फेस्टिवल का इतिहास – Good Friday History in Hindi

आज से लगभग दो हजार वर्ष पहले यरुशलम के गैलिली प्रांत के नासरत निवासी ईसा लोगों को प्यार, भाईचारे और मानवता के उपदेश दिया करते थे. वो लोगों में परमपिता परमेश्वर के प्रति आस्था रखने और आपस में एकता से रहने के कहते थे. वो अपने आप को ईश्वर का पुत्र कहते थे और लोगों से कहते थे की अब वहाँ परमेश्वर के राज्य का आगमन और स्थापना होगा और हर जगह शांति और भाईचारे का माहौल होगा. ईसा धार्मिक अंधविश्वास फैलाने वालों को मानव जाति का शत्रु बताया करते थे.

ईसा अपने प्रवचनो के लिए बहुत जल्दी ही लोकप्रिय होने लगे. लोग उनको सुनने लगे और उनके बताए रास्ते पर चलने लगे यह सब धर्मगुरुओं को बर्दास्त नही हुआ उन्होने रोम के शासक पिलातुस को ईसा के बारे में कान भरने शुरू कर दिए.  शासक पिलातुस को लगने लगा की लोग अब ईसा की ही सुनेंगे और उनको ही सच्चा भगवान मानने लगेंगे. इस तरह धर्मगुरुओं द्वारा कान भरने से पिलातुस ने आदेश दिया की स्वयं को ईश्वरपुत्र बताना भारी पाप है और परमेश्वर के राज्य की बात करना बहुत बड़ा अपराध है. इस तरह ईसा पर धर्म और राज्य की अवमानना का आरोप लगाकर सूली पर लटका कर मृत्यु-दंड देने का आदेश दिया गया. सूली पर लटकाए जाने से पूर्व ईसा को अनेक तरह की अमानवीय यातनाएं दी गईं. उनके सिर पर कांटों का ताज रखा गया. सूली (क्रॉस) को कंधे पर उठाकर ले जाने के लिए कहा गया.  उनके आधे ढके हुए शरीर पर कोड़ों और चाबुक लगाए गए, उनपर थूका गया और पित्त मिला हुआ शराब पीने को दिया गया. और अंत में बेरहमी से हथेलियों और पैरों में कीलें ठोक दी गयी.

ईसा के अंतिम शब्द- Last words of Isha Masih

बाइबिल के अनुसार, ईसा को सूली पर गोलगोथा नामक एक उँचा टीले पर चढ़ाया गया था. ईसा अपने प्राण त्याग करते हुए एक ऊंची आवाज में परमेश्वर को पुकारा और कहा- ‘हे पिता! मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों सौंपता हूं’. ऐसा कहते ही ईसा ने अपने प्राण त्याग दिए.

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