होली पर निबंध हिन्दी में

होली रंगों का त्योहार

Holi festival of colors

नई दिल्ली- होली हिंदुओं के 4 प्रमुख त्योहारों में से एक महत्वपूर्ण त्योहार है. इसे रंगों का त्योहार भी कहा जाता है। होली का त्योहार भारत सहित उन देशों में मनाया जाता है जहाँ हिंदू आबादी रहती हैं. होली का त्योहार समूचे भारतवर्ष में मनाया जाता है। ‘होली’ का त्योहार हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली का त्योहार मुख्य रूप से भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा विश्व के अन्य देशों में मनाया जाता है जहाँ हिंदू आबादी रहती है.

बसंत ऋतु होने आने वाले इस त्योहार को बसंत का त्योहार भी जाना जाता है. बसंत ऋतु में चारों ओर रंग बिरंगे फूल बिखरे होते हैं जो इस त्योहार में चार चाँद लगते हैं. वसंत की फसल पकने और अच्छी पैदावार होने की खुशी में किसान होली का त्योहार मनाते हैं।

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होलिका दहन-Holika dahan in hindi

पूर्णमासी से एक दिन पहले रात को लोग होली जलाते हैं. इसे होलिका दहन कहा जाता है. होलिका दहन को बुराई में अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. छोटे कस्बों और गावों में महीने भर पहले से ही होलिका दहन से लिए लोग लकड़ी एकत्रित करते हैं और चौराहे में रखना शुरू कर देते हैं ताकि होलिका दहन के लिए प्र्याप्त लकड़ी हो. होलिका दहन के समय हर तरफ मस्ती और उमंग का माहौल बना होता है. हर तरफ रंगों और संगीत माहौल लोगों में नया जोश उत्पन्न कर देता है.

होलिका दहन की कथा- Holika Dahan Ki Katha

होली के साथ अनेकों पौराणिक कथायें भी जुड़ी हुई हैं   इनमें से सबसे प्रसिद्द कहानी है भक्त प्रहलाद की। मान्यता के अनुसार प्राचीन काल में एक राजा हिरण्यकश्यप राजा था जो बहुत ही शक्तिशाली असुर था। हिरण्यकश्यप ने भगवान ब्रह्मा की तपस्या कर उनसे अमरता का वरदान प्राप्त कर लिया था. तभी से हिरण्यकश्यप अपने आप को भगवान समझने लगा और अपने अमरता के वरदान का दुरुपयोग करने लगा. उसने अपने राज्य में सभी को अपनी पूजा करने और भगवान मानने का फरमान दिया हुआ था. जो कोई उसको पूजता नही या उसको भगवान नही समझता था उसको हिरण्यकश्यप अत्याचार करता था और उसको मौत की सज़ा देता था.

हिरण्यकश्यप का एक पुत्र था जिसका नाम प्रहलाद था. प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था और हर समय भगवान विष्णु की पूजा आराधना करता था जिसको देखकर हिरण्यकश्यप हमेशा क्रोधित रहता था. अपने पुत्र प्रहलाद की विष्णु भगवान के प्रति भक्ति देखकर हिरण्यकश्यप क्रुद्ध हो गया और उसने अपने ही पुत्र को मारने का आदेश दे दिया. भक्त प्रहलाद को मारने के लिए हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठ जाय क्यूंकी होलिका हो वरदान प्राप्त था की आग उसको नही जला सकती. हिरण्यकश्यप के आदेशानुसार होलिका भक्त प्रहलाद को लेकर आग में बैठ गयी लेकिन होलिका तो जल गई पर प्रहलाद बच गया। इसलिए इसे होलिका दहन के नाम से जाना जाता है.

होली का प्रचलन- Holi Celebration in India

वैसे तो ज़्यादातर राज्यों में होली का त्योहार 2 दिनों मनाया जाता है. पहले दिन होलिका दहन और दूसरा दिन रंग खेलकर. उत्तर भारत में हर जगह होली बड़े धूम धाम से मनाई जाती है ख़ासकर व्रज, मथुरा, वृन्दावन, बरसाने में होली का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है.  यहाँ की लट्ठमार होलीविश्व विख्यात है। वैसे भारत के कुछ राज्यों में होली का त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है. इन राज्यों में होली होलिकातक मनाई जाती है.

why we celebrate holi in hindi

होली का त्योहार समानता का प्रतीक है

Colorful Celebration of Love, Unity and Equality

जिस तरह सूर्य और चंद्रमा किसी के साथ भेद भाव नही करते वैसे ही होली के रंग भी सबको समानता का अधिकार देता है. चाहे वो ग़रीब हो या अमीर, बच्चा हो या बूढ़ा, पुरुष हो या स्त्री हर कोई होली के रंगों में समान रूप से सराबोर हो जाते हैं और हर एक इंसान एक ही जैसे रंग में रंग जाता है. अबीर- गुलाल से रंगे हुए चेहरे में हर कोई एक दूसरे की परछाई नज़र आता है. होली के रंग हर गम और दुख को भुलाने वेल होते हैं. रंग-बिरंगे रंगो मे रंगे हुए लोग अपने सारे भेद भाव उंच-नीच मिटा कर एक दूसरे से गले मिलते हैं और बधाई देते हैं। इस तरह होली अनेकता में एकता, समानता और भाईचारे का संदेश देती है।

मिठाईयां और संगीत का अनौखा संगम- The Sweet and Colourful Taste of Spring

Holi festival of colors in hindi

होली का त्योहार अपने साथ देर सारी खुशियाँ ले कर आता है. हर तरह हर उम्र के लोग होली के त्योहार को हर्ष और उल्लास से मनाते है। घरों में मिठाइयाँ, गुज़िया, पापड़, लड्डू, खीर, ठेकुआ इत्यादि बनाए जाते हैं और एक दूसरे को भेंट किए जाते हैं. होली में मिठाई और रंगो के अलावा संगीत का अहम स्थान है. बिना गीत संगीत के तो होली ता त्योहार अधूरा ही माना जाता है हर जगह के अपने होली गीत होते है. होली में लोग ढोलक मंजीरा, इत्यादि संगीत वादक यंत्र बजा कर नाच-गाना करते हैं.

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