कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा की जानकारी

Kailash Mansarovar Yatra Hindi

चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नाथुला दर्रे को खोल दिया है. इसे हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की चीन यात्रा का असर कहें या भारत और चीन के सुधरते रिश्तों का कुछ भी हो यह उन सभी तीर्थ यात्रियों के लिए खुशखबरी है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के सपने संजोए हुए हैं. तीर्थ यात्री इस साल 8 जून से शुरू हो रही है कैलाश मानसरोवर यात्रा नाथुला मार्ग से पूरी कर सकेंगे. यह वही रास्ता है जिसे पिछले साल चीन से बंद कर दिया था जिस कारण बहुत से तीर्थ यात्रियों के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने का सपना सपना बन कर ही रह गया था. लेकिन इस बार नाथुला दर्रा खुल जाने से यात्रा थोड़ी आसान हो जाएगी और ज्यादे से ज्यादे श्रद्धालु इस पवन यात्रा पर जा सकेंगे.

कैलाश मानसरोवर यात्रा के रास्ते

Kailash Manasarovar Yatra Route in Hindi

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2 रूट से पूरी की जाती है. क्यूंकी कैलाश मानसरोवर तिब्बत में स्थित है इसलिए यात्रा के लिए नेपाल होते हुए जाना पड़ता है. कैलाश मानसरोवर पह्नचने का पहला रूट उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा है (Kailash mansarovar route from Uttarakhand). लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित “धारचूला” शहर से जुड़ा हुआ है जो भारत- नेपाल सीमा पर स्थित है.

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कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा रूट है सिक्किम का नाथुला दर्रा (kailash mansarovar route from Sikkim). जिसे पिछले साल चीन ने बंद कर दिया था.

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2018 के जत्थे

Kailash Mansarovar Yatra in Hindi

हर साल जून से सितंबर के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन किया जाता है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने साल 2018 की कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कुल 1 हजार 580 तीर्थ यात्री को जाने की इजाज़त दी है. कैलाश मानसरोवर यात्रा 2018 के कुल 28 जत्थे (बैच) यात्रा में भेजे जाएँगे जिनका चुनाव हो चुका है. 28 जत्थों को २ अलग अलग रूटों के लिए बाँटा गया है जिनमें 18 जत्थे लिपुलेख रूट से, और 10 जत्थे नाथुला रूट से जाएँगे. 18 जत्थे (बैच) जिसमें हर बैच में 60 तीर्थ यात्री होंगे वे उत्तराखण्ड स्थित “लिपुलेख दर्रे” से जाएंगे जबकि 10 जत्थे जिसमें हर जत्थे में 50 तीर्थ यात्री होंगे वे सिक्किम के “नाथुला दर्रे” से यात्रा पर जाएँगे.

कैलाश मानसरोवर यात्रा नया सड़क मार्ग

Kailash Mansarovar Yatra New Route

इस साल कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है. अगर आप उत्तराखंड स्थित “लिपुलेख दर्रे” से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे हैं तो आपको सड़क के रास्ते 24 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी. क्यूंकी गाला से होते हुए सिर्खा तक अब सड़क संपर्क स्थापित हो गया है जिस कारण इस यात्रा के दो पड़ाव कम हो जाएँगे. इन दोनो ही पड़ाओ तक सड़क निर्माण का काम पूरा हो गया है. इस तरह सड़क मार्ग बन जाने से इस यात्रा में कुल 24 किलोमीटर की कमी आएगी. पहले कुल 80 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती थी जिसे पूरा करने में 8 दिन का समय लगता था अब यह पैदल यात्रा सिर्फ़ 56 किलोमीटर की रह गई है. जो की एक बहुत ही अच्छी खबर है.

कैलाश मानसरोवर यात्रा में इन बातों का रखें ध्यान

Kailash Mansarovar Yatra Essentials

यात्रा में इन बातों का रखें ध्यान

पहाड़ी रास्ते और अत्यधिक उँचाई होने के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने से पहले बहुत सारी बातों का ध्यान देना चाहिए. हिमालय में स्थित होने की वजह से यहां का मौसम भी अक्सर खराब ही रहता है. अचानक बारिश होने से तापमान और भी ठंडा हो जाता है. आइए जानते हैं की कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  1. जिन लोगों को हाई बीपी, डायबीटीज, अस्थमा और हृदय संबंधित बीमारी हो उनको यात्रा जाने से बचना चाहिए.
  2. क्यूंकी यात्रा में पैदल चलना पड़ता है इसलिए यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले से ही रनिंग, वॉकिंग, की प्रैक्टिस जरूर करें. इससे आपको पहाड़ी रास्ते में चलने में आसानी होगी और आपका कॉन्फिडेन्स भी हाइ रहेगा.
  3. फिटिंग कपड़े, स्वेटर, रेनकोट और ट्रेकिंग शूज ज़रूर साथ में ले जाए. और यात्रा में जाने से कुछ दिन पहले से ट्रेकिंग शूज में चलने की पहले से ही प्रैक्टिस ज़रूर कर लें.
  4. जरूरी दवाईयों के अलावा बैंड-एड, क्रीम और ऑइंटमेंट ज़रूर साथ मेी ले जायें. वैसे तो यात्रा के दौरान जरूरी दवाइयाँ और खाने पीने की चीजें उपलब्ध कराई जाती हैं फिर भी इनको साथ ले जाना एक आक्ची आदत हो सकती है.
  5. रास्ते में हैल्दी फुड खाते रहें और पानी और लिक्विड का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें. इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी. और आपका एनएर्जी लेवेल अच्छा रहेगा.

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