कैंची धाम के नीम करोली बाबा

कैंची धाम कहाँ है? kainchi dham kaha par hai

देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित “कैंची धाम” एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक जगह के रूप में प्रसिद्ध है। कैंची धाम स्थित हनुमान मंदिर नीम करोली बाबा के नाम से विश्व भर में विख्यात है। यह एक ऐसी है जहां जो भी एक बार चले जाए उसकी मुराद अवश्य पूरी होती हैं। कैची धाम के बाबा नीम करौली को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। हर साल 15 जून को कैंची धाम में विशाल मेले का आयोजन होता है और बाबा के अनुयायी देश के हर एक कौने से यहाँ दर्शन neem karoli baba ke darshan करने आते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेकर जाते हैं।

पता Address
नीम करौली आश्रम कैंची धाम,
Nimb karoli ashram Kainchi Dham
Kainchi dham, Uttarakhand Pin- 263132

Kainchi Dham Timings
Mon to Sun
6:30am – 6:30pm

Neem Karoli Baba Wikipedia in Hindi

Neem karoli baba ke bare mein batae- नीम करौली बाबा या नीब करोरी बाबा का जन्म सन 1900 को फिरोजबाद डिस्ट्रिक्ट के अकबरपुर गावं में हुआ। नीम करोली बाबा को उनके अनुयायी महाराज जी के नाम से जानते थे। नीम करोली बाबा एक  रहस्यवादी हिंदू गुरु थे। बाबा भगवान हनुमान के भक्त थे।वह 1960 और 70 के दशक में भारत की यात्रा पर आने वाले बहुत से अमेरिकियों के गुरु और मार्ग दर्शक बने और यही कारण है की बाबा ने 7० के दशक में अमेरिका की बहुत बार यात्रा भी की। बाबा के अनुयायिओं की लिस्ट में विश्व के बहुत बड़े नाम शामिल हैं जिनमें एप्पल के फाउंडर स्टीव जाब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स जैसी हस्तियां शामिल हैं।

नीम करौली बाबा या नीब करोरी बाबा  के आश्रम neem karoli baba ka ashram केँची, वृन्दावन, ऋषिकेश, शिमला, नीम करोली गाँव में फ़र्रुख़ाबाद में खिमासपुर, भुमिधार, हनुमानगढ़ी, लखनऊ, दिल्ली में भारत में और टोस, न्यू मैक्सिको, अमेरिका में हैं।  

नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा
प्रसिद्ध नाम नीम करौली बाबा (महाराज जी)
जन्म सन १९००
जन्म स्थान अकबरपुर गावं फिरोजबाद, उत्तर प्रदेश
निधन 11 सितंबर 1973 (आयु 73 वर्ष)
निधन स्थान वृंदावन, उत्तर प्रदेश
धर्म हिंदू
राष्ट्रीयता भारतीय

कैंची धाम मेला कब लगता है? Kainchi Dham mela 2020

चूँकि 15 जून को इस पावन धाम का स्थापना दिवस मनाया जाता है इसी दिन कैंची धाम मेला का आयोजन किया जाता है और बाबा के भक्त देश-विदेश से हज़ारों की संख्या में यहाँ हनुमान जी का आशीर्वाद लेने आते हैं। बाबा नीब करौरी 1961 में पहली बार यहां आए और यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती देखकर बहुत मोहित हुए और उन्होंने अपने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिल कर यहां आश्रम बनाने का प्रस्ताव रखा और सन 1964 में बाबा नीब करौरी ने कैंची आश्रम की स्थापना की।

kainchi dham mela
कैंची धाम मेला

कैंची धाम की प्रसिद्ध कहानी क्या है? Kainchi dham ki kahani

बाबा नीम करोली की प्रसिद्धि न केवल भारत में है बल्कि उनके भक्तों की बहुत सी संख्या अमेरिका और दूसरे देशों में रहती है। Neem karoli baba ke chamatkar कैंची धाम के बारे में बहुत सी कहानियां प्रसिद्ध हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध हैं की जब एक बार कैंची धाम में एक बार भंडारे के दौरान घी की कमी पड़ गई तो बाबा नीम करोली ने अपने भक्तों से बोलै की नीचे बहती नदी से कनस्तर में पानी भरकर लाएं और उस पानी का प्रयोग प्रसाद बनाने हेतु उपयोग में लाएं। भक्तों ने ऐसा ही किया। कहा जाता है की बाबा ने जब उस पानी को प्रसाद बनाने के लिए उपयोग किया तो वह पानी घी में बदल गया।

वहीं एक अन्य कहानी के अनुसार एक बार बाबा नीम करौली महाराज ने अपने भक्त को गर्मी की तपती धूप में बचाने के लिए उसे बादल की छतरी बनाकर, उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाया।

नीम करोली बाबा कैंची धाम का महत्व Importance of Neem karoli baba ashram


बाबा नीम करौली को कैंची धाम बहुत प्रिय था यही कारण हैं की बाबा के भक्तों ने यहां भगवान् हनुमान का भव्य मन्दिर बनवाया है। कैंची धाम परिसर में बाबा नीम करौली की भी एक भव्य मूर्ति स्थापित की गयी है। कैंची धाम को लोग बिगड़ी तकदीर बनाने वाला हनुमान मंदिर भी कहते हैं। माना जाता है कि बाबा नीब करौली को भगवान हनुमान की उपासना करने के बाद अनेक चमत्कारिक सिद्धियां प्राप्त हुई थीं। लेकिन बाबा हमेशा ही बेहद साधारण तरीके से रहते थे और अपने पैर किसी को नहीं छूने देते थे। उनके दिए आशीर्वाद से ही बहुत लोगों की बिगड़ी तकदीर संभाली है और इसका जीता जागता उदाहरण हैं एप्पल के फाउंडर स्टीव जाब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियां। ये वो लोग हैं जो अपने बुरे समय में कैंची धाम आये और बाबा का आशीर्वाद लिया।

Neem karoli baba wikipedia
नीम करोली बाबा

केवल आम आदमी ही नहीं देश और दुनियाभर के अरबपति-खरबपति भी बाबा के भक्तों में शामिल हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स, एप्पल के फाउंडर स्टीव जाब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसी जनि मानी हस्तियां बाबा की भक्त हैं।

श्री नीम करोली बाबा का भजन । कैंची धाम का गाना
Neem Karoli Baba Bhajan| Kainchi dham ka Gana

कैंची धाम में गाये जाने वाले बहुत से भजन जो यहाँ हमेशा गाये जाते हैं। इन्ही भजन / गानों में से सबसे प्रसिद्ध हैं-
जय सिया राम जय जय हनुमान – श्री कैंची धाम
सतगुरु में तेरी पतंग – प्रभात भजन
हनुमान चालीसा का प्रातः स्मरण आपके जीवन को विजई बनाता है
है गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में- गुरु भजन
नीब कारोरी बाबा रहना सदा सहाई – श्री नीम करोलि बाबा भजन – श्री कैंची धाम
राम राम भजन – Shri Neem Karoli Baba- Shri Kainchi Dha
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नीम करोली बाबा के आश्रम कहाँ हैं? Neem Karoli Baba Ashram in India

बाबा नीम करौली महाराज के देश और दुनिया में कुल 108 आश्रम हैं। इन आश्रमों में सबसे बड़ा कैंची धाम और अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम है। इनके अलावा वृन्दावन, ऋषिकेश, शिमला, नीम करोली गाँव में फ़र्रुख़ाबाद में खिमासपुर, भुमिधार, हनुमानगढ़ी, लखनऊ, दिल्ली में भारत में और टोस, न्यू मैक्सिको, अमेरिका में हैं। 

कैंची धाम उत्तराखंड कैसे पहुंचे? कैंची धाम जाने का रास्ता
How to reach Kainchi Dham Uttarakhand?

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। कैंची धाम “भवाली-अल्मोड़ा/रानीखेत” राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर स्थित है। देश के किसी भी कौन से यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहाँ सड़क मार्ग, रेल मार्ग और आयु मार्ग से आसानी नसे पहुंचा जा सकता है। nearest railway station to Kainchi dham कैंचीधाम के सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन Kathgodam railway station काठगोदाम रेलवे स्टेशन है। और पंतनगर एयरपोर्ट Pantnagar airport यहाँ से सबसे पास एयरपोर्ट nearest airport to kainchi dham है।

कैंची धाम दर्शन के लिए कब जाएँ kainchi dham darshan ka samay

चूँकि कैंची धाम पहाड़ी एरिया में बसा हैं इसलिए यहाँ दर्शन के लिए गर्मियों का समय सबसे अनुकूल होता है। आप चाहे हैं मार्च से लेकर नवम्बर तक कभी दर्शन करने जा सकते हैं। मार्च से नवबर इसलिए की इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और ठण्ड भी ज्यादे नहीं पड़ती है। हर साल 15 जून को इस पावन धाम का स्थापना दिवस मनाया जाता है इसलिए जून के महीने में आना सबसे अच्छा समय होता है। नीम करोली बाबा के धाम के चारों ओर ऊँचे-ऊँचे  पहाड़ और पास में ही कल कल करती नदी बहती है। मंदिर में भगवन हनुमान के अलावा भगवान राम एवं सीता माता तथा देवी दुर्गा जी के भी छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं।

अगर आप कैंची धाम दर्शन के लिए प्लान कर रहे हैं तो हमारी पोस्ट आपके लिए बहुत हेल्पफुल हो सकती हैं। हमारी पोस्ट “कैंची धाम नीम करोली बाबा ” आपको कैसी लगी कमेंट कर जरूर बताएं।

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