महाशिवरात्रि पूजा विधि और शुभ मुहूरत

नई दिल्ली, 5 जनवरी 2018- महाशिवरात्रि हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. महाशिवरात्रि फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को बड़े ही धूमधाम और हर्षौउलास से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि एक मान्यता है है की महाशिवरात्रि के भगवान शिव शंकर और माँ पार्वती का विवाह हुआ था। क्यूँ की भगवान शिव का स्थान सभी देवी देवताओं में सर्वोच है इसी वजह से हिंदू धर्म में महा शिवरात्रि पर्व का स्थान महत्वपूर्ण है. इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार जो भी इस दिन शिव का व्रत करता है और सच्चे मान से शिव का पूजन करता भगवान शंकर उसकी सारी कामनायें पूरी करते हैं. कहा जाता है कि जो भी कन्या इस व्रत को धारण करती है उसको मनचाहा वर प्राप्त होता है। और सौभाग्यवती स्त्रियों को पति की आयु दीर्घायु का वरदान मिलता है. हिंदू धर्म के पांचांग के अनुसार इस साल यानी साल 2018 में महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार 13 फरवरी 2018 को मनाया जाएगा.

Mahashivratri 2018 Puja Shubh Puja Muhurat

महाशिवरात्रि के दिन भगवान अपने भक्तों की मनोकामनायें पूरी करते हैं इसलिए पूरे विधि विधान से भगवान शिव की अराधना (पूजा) करने से सारे कष्ट डोर होते हैं. हिंदू धर्म में वेदों और शास्त्रों के अनुसार जब माता पार्वती बड़ी उत्सुकता से भगवान शिव से पूछा कि वह किस चीज से ज़्यादे प्रसन्न होते हैं तो भगवान शिव ने बहुत ही प्रसन्नचित हो कर कहा कि जब उनके भक्त उनको सच्चे मान से याद करते हैं और जब उनकी अराधना करते हैं तब वह बेहद प्रसन्न होते हैं। इस दिन शिव भक्त शिव का व्रत करते हैं और शिवलिंग का दूध व जल से अभिषेक कर धतूरा, बेर, भांग, गेहूं की बाल, चने और बेलपत्र से पूजा करते हैं.

क्या हैं शिवरात्रि मनाने की दूसरी मान्यतायें-

भारत देश अलग-अलग परंपराओं को मानने वाला देश है. एक ही त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग अलग नाम से मनाया जाता है.  भारत के कुछ राज्यों या कुछ इलाक़ों में ऐसी भी मान्यता है की समुद्र मंथन से निकले हुए ज़हरीले विष का सेवन इसी दिन किया था और विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण कर सृष्टि को विनाश से बचाया था.

महाशिवरात्रि क्‍यों मनाई जाती है?

हिंदू धर्म के अनुसार माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था. और दूसरी मान्यता है की इस दिन भगवान ने समुद्र मंथन से निकले ज़हरीले विष का सेवन कर धरती को विनाश से बचाया था.

महा शिवरात्रि पूजा विधि – Maha Shivratri Puja Vidhi in Hindi

महा शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है. उनका व्रत धारण किया जाता है, शिवलिंग को जल और दूध चढ़ाया जाता है और उनको उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित की जाती है. दूध व जल से शिवलिंग का अभिषेक कर धतूरा, बेर, भांग, आंक का पुष्प, गेहूं की बाॅल, चने और बेलपत्र से पूजा करनी चाहिए. इन्हें अर्पित करने से भगवान शिव मनोकाना पूर्ण करते हैं। पूरे दिन व्रत धारण करने और शाम को भगवान शिव का माता पार्वती के साथ पूजन करें और शुद्ध घी से हवन करना चाहिए. हवन करने से घर में पॉज़िटिव चीज़ों का वास होता है और घर के सदस्यों में का स्वास्थ अच्छा रहता है. हवन करने के बाद ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए घर के चारों दिशा नें गंगा जल की बूँदें छिड़कें फिर अंत में प्रसाद ग्रहण करें।

Maha shivratri mantra

महाशिवरात्रि मंत्र – इस दिन शिव भक्तों को भगवान शिव के मंत्र ‘ओम नम: शिवाय’ का जाप करना चाहिए.

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें-

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

महा शिवरात्रि 2018 शुभ मुहूर्त- Maha Shivratri Shubh Muhurat

13 फरवरी 2018 मंगलवार रात 10:34 से 15 फरवरी 2018 रात 12:46 बजे तक

भूलकर भी शिवलिंग पर ये चीजें ना चढ़ायें

अगर आपको भगवान शिव से अपनी मानो कामनायें पूरी करनी हैं तो शिवलिंग में भूलकर भी इन चीज़ों को न चढ़ाएं. ये चीज़ें हैं-

  • हल्दी
  • लाल रंग के फूल
  • सिंदूर या कुमकुम
  • लोटा
  • शंख द्वारा जल
  • तुलसी

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