मकर संक्रांति क्यूँ मानते हैं

Makar Sankranti Kyun Manate

मकर संक्रांति क्या है जाने हिन्दी में? Makar Sankranti in Hindi

नई दिल्ली, 4 जनवरी 2017- हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. हिंदू पंचांग में मकर एक राशिफल का नाम है. हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य के जब एक राशि से दूसरी राशि में जाता है तो उसको ही संक्रांति कहते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय को ही सौर मास कहते है. वेदों के अनुसार हिंदू धर्म में कुल 12 सूर्य संक्रांति हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति मेष, कर्क, तुला, मकर महत्वपूर्ण संक्रांति हैं. इसके शुभ मुहूर्त में स्नान दान और पुण्य के शुभ समय बहुत ही महत्व है. दूसरे शब्दों में कहें तो मकर संक्रांति सूर्य उपासना का विशेष पर्व है.

क्यों मानते हैं मकर संक्रांति?

Makar Sankranti Kyun Manate hain in Hindi

हिंदू धर्म में कुंभ मेला कुल 4 जगहों में लगता है. इनमें हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक हैं. जिस साल जहाँ भी कुंभ मेला लगता है वहाँ कुंभ मेले का पहले स्नान की शुरुआत भी मकर संक्रांति दिन से ही होती है. भारत के अलग अलग राज्यों में मकर संक्रांति अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है. जिन जिन राज्यों से गंगा नदी बहती है वहाँ मकर संक्रांति के अवसर पर नदी के किनारे माघ मेला का आयोजन किया जाता है. कुछ लोग इस माघ मेला को गंगा स्नान पर्व के नाम से पुकारते हैं. हिंदू धर्म में मान्यता है की मकर संक्रांति के दिन सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाता है. इस तरह ग्रहों की चाल बदलती है और इसे ही संक्रांति कहते हैं।

मकर संक्रांति किन राज्यों में मनाई जाती है- Other name of Makar Sankranti in Hindi- भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति अलग अलग नाम से मनाई जाती है.

Lohri 2018 in Hindi

  • उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व नाम से जाना जाता है. कीचड़ी पर्व में सूर्य की पूजा की जाती है और चावल और दाल की खिचड़ी खाई जाती है.
  • गुजरात, राजस्थान:- इन राज्यों में मकर संक्रांति को उत्तरायण पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस अवस्र पर गुजरात में पतंग उत्सव का आयोजन किया जाता है.
  • उत्तराखंड: उत्तराखंड में यह त्योहार उत्तरायनी के नाम से मनाया जाता है. उत्तराखंड में मीठे पकवान बनाए जाते हैं और उन मीठे पकवानो को सबसे पहले अपने ईष्ट भगवान को चढ़ाया जाता है फिर पँच्छियों में दिया जाता है.
  • तमिलनाडु: तमिलनाडु में मकर संक्रांति को पर्व पोंगल के नाम से मनाया जाता है. यह किसानों का यह प्रमुख त्योहार है. इस त्योहार में दाल-चावल की खिचड़ी पकाई और और सबको खिलाई जाती है.
  • पंजाब: मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है. आग जलाकर लोग नाचते गाते हैं और एक दूसरे को मूँगफली, मिठाई और गजक खिलते हैं. (Lohri 2018 in Hindi)
  • पश्चिम बंगाल: हुगली नदी पर हर साल गंगा सागर मेले का भव्य आयोजन किया जाता है. इस मेले में बच्चे बूढ़े और जवान पूरे हर्षोउत्साह से भाग लेते हैं.
  • असम: असम में मकर संक्रांति को बिहू के नाम से मनाया जाता है.
  • आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र: आंध्रप्रदेश में 3 दिन का उत्सव मनाया जाता है और महाराष्ट्र में लोग गजक और तिल के लड्डू बनाते हैं और एक दूसरे को भेंट करते हैं.

मकर संक्रांति में गंगा स्नान का महत्व- माना जाता है की मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल शरीर में लगाकर स्नान करना लाभदायी होता है। अगर आप गंगा स्नान करते हैं तो बहुत ही लाभकारी और सूभ माना जाता है. स्नान के बाद दान संक्रांति में गुड़, तेल, कंबल, फल, छाता आदि का दान का दान करने से खुशहाली आती है और पुण्यफल की प्राप्ति होती है। वेदों के अनुसार माना जाता है कि 14 जनवरी के दिन से धरती पर अच्छे दिन की शुरुआत होती है.

मकर संक्रांति 2018 का शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti Muhurat)

Makar sankranti snan 2018

मकर संक्रांति 2018 (Makar Sankranti 2018) में 14 जनवरी को मनाया जाएगा। लोग गंगा नदी में स्नान कर दान और पितरों का श्राद्र करते हैं. मकर संक्रांति के दिन शुभ मुहूर्त के समय स्नान करना, दान देना या अपने पितरों का श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। इस साल यानी 2018 में मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी, 2018 को सुबह 6 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 05 बजकर 35 मिनट तक का है।

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