मायावती आश्रम लोहाघाट उत्तराखंड

मायावती आश्रम लोहाघाट

Mayawati Ashram Lohaghat Uttarakhand

मायावती आश्रम उत्तराखंड राज्य के कुमाऊ मंडल में स्थित है. यह कुमाऊ मंडल का एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। मायावती आश्रम लोहाघाट तहसील और चम्पावत जिले के अंतर्गत आता है. यह आश्रम समुद्र तल से 1940 मीटर की ऊंचाई स्थित है. यह आश्रम लोहाघाट से 9 कि.मी और चम्पावत शहर से 22 कि.मी. की दुरी पर स्थित है | यहाँ पहुँचने के लिए आख़िर रेलवे स्टेशन टनकपुर है.  हिमालय की गोद में बसा यह आश्रम बहुत ही खूबसूरत और हराभरा है. हर साल देश और विदेश से भारी संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं.  इस आश्रम को “अद्वैत आश्रम” के नाम से भी जाना जाता है | मायावती आश्रम या अद्वैत आश्रम में किसी भी भगवान की मूर्ति स्थापित नही है. यहाँ आध्यतम की शिक्षा दी जाती है. लोहघाट के अलावा अल्मोड़ा में भी अद्वैत आश्रम की शाखा है।

स्वामी विवेकानंद का अद्वैत आश्रम से खास लगाव था

Swami Vivekananda’s in mayawati ashram

स्वामी विवेकानन्द हमेशा अपने संन्यासी शिष्यों के साथ अकसर यहाँ आया करते थे. सन 1898 में अपनी जब स्वामी विवेकानंद अपनी तीसरी यात्रा के दौरान अल्मोड़ा आए थे तो उस समय स्वामी विवेकानंद ने “प्रभु भारत” के प्रकाशन कार्यायल को मद्रास से मायावती आश्रम में स्थापित करने का फैसला किया था।

मायावती आश्रम लोहाघाट का इतिहास

History of Mayawati Ashram Lohaghat

स्वामी विवेकानन्द के प्रमुख शिष्य स्वामी स्वरूपानंद और अंग्रेज शिष्य कैप्टन जे. एच. सेवियर थे जो हमेशा स्वामी विवेकानन्द के साथ ही सफ़र किया करते थे. अपने उत्तराखंड भ्रमण के दौरान जब एक बार स्वामी विवेकानन्द लोहाघाट आए तो यहाँ के घने जंगलों और हरेभरे पेड़ पौधों ने उनको मान मोह लिया. यहाँ का शांत वातावरण उनको बहुत पसंद आया. बाद में स्वामी विवेकानन्द की प्रेरणा से उनके शिष्य स्वामी स्वरूपानंद और अंग्रेज शिष्य कैप्टन जे. एच. सेवियर और उनकी पत्नी श्रीमती सी. ई. सेवियर ने मिलकर मार्च 19, 1899 में इस आश्रम की स्थापना की. 1899 में आश्रम की स्थापना होने के बाद से उनके शिष्य यही रहने लगे और अध्यात्म की शिक्षा देने लगे.  सन् 1901 में स्वामी विवेकानंद अपने शिष्य कैप्टन जे. एच. सेवियर के देहांत की खबर सुनकर यहा आए थे. और उस दौरान वो यहाँ 3 से 17 जनवरी तक रहे थे.

हरियाली और शांति का प्रतीक है आश्रम

मायावती आश्रम हिमालय की गोद में है स्थित है. यहाँ बहुत ही हरियाली और शांति है. आश्रम में विभिन्न प्रकार के फूल लगाए गये हैं जो हमेशा यहाँ के वातावरण में खुसबू प्रदान करते रहते हैं. चारों तरफ हरेभरे पेड़ पौधे और घने जंगल इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं. मायावती के अद्वैत आश्रम में पुराने चाय बागान हैं। अनुरोध पर आश्रम बाहर से आए लोगों को आवास भी प्रदान करता है ताकि लोगों को मुसीबतों का सामना ना करना पड़े. मायावती आश्रम में एक पुस्तकालय और एक छोटा से संग्रहालय भी है।

मायावती आश्रम कैसे पहुँचे- How to reach advaita ashrama mayavati?

मायावती का अद्वैत आश्रम चंपावत से 22 किमी. और लोहाघाट से 9 किमी की दूरी पर है। क्यूंकी यह पहाड़ी एरिया में बसा है इसलिए यहाँ रोड द्वारा पहुँचा जा सकता है. यह आश्रम टनकपुर रेलवे स्टेशन से 77 किमी तथा काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 167 किमी दूर पर स्थित है. इन दोनो ही रेलवे स्टेशन से रोडवेज बस, प्राइवेट टेक्सी, और खुद की गाड़ी से पहुँचा जा सकता है.

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