पोंगल फेस्टिवल की जानकारी

नयी दिल्ली, 8 जनवरी 2018- पोंगल नाम सुनकर बचपन केवो दिन याद आते हैं जब टीचर पोंगल त्यौहार पर निबंध निखने को बोलते थे Essay on Pongal Festival 2018 in Hindi. बड़ी रिसर्च करने के बाद थोड़ा बहुत पोंगल के बारे में लिख पाते थे. आजकल मोबाइल और इंटरनेट की पहुँच आसान होने से बच्चे आसानी से एक ही गूगल सर्च में ढेर सारी इन्फर्मेशन प्राप्त कर लेते हैं.

हर साल की तरह पोंगल का त्यौहार में भी 14 जनवरी से 17 जनवरी के बीच मनाया जाएगा Pongal Festival 2018 in Hindi. पोंगल तमिल नाडू का प्रमुख त्योहार है Pongal 2018 in tamil nadu 2018.  पोंगाल फेस्टिवल 2018 सिंगपुर में भी मनाया जाता है pongal festival 2018 Singapore. पोंगल का त्योहार का किसानो त्योहार माना जाता है. किसान अपनी फसल और सम्रिधि के लिए भगवान की आराधना करते हैं. पोंगल किसान की फसल से संबंधित पर्व है। हिन्दू धर्म को मानने वाले किसान इस त्यौहार को चार दिनों तक घूम-धाम से मनाते हैं। उत्तर भारत में यह त्यौहार मकर संक्रांति के नाम मनाया जाता है। अलग अलग राज्य में अलग नाम से मनाया जाने वाला त्योहार है. किसान अपना धान का खेत हरा भरा लहराता देख कर भगवान सूर्य देव की आराधना करते हैं. किसान अपने धान खेती की सफल पैदावार के लिए सूर्य देव को धन्यवाद कहते हैं.

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पोंगल नाम क्यूँ पड़ा- हरियाली और संपन्नता को समर्पित पोंगल त्यौहार के दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा अर्चना की जाती है और उनको भोग लगाया जाता है. भगवान को जो प्रसाद भोग लगाया जाता है उसे पोगल कहा जाता है, जिस कारण इस त्यौहार का नाम पोंगल पड़ा Festival of Pongal in Hindi.

पोंगल की तैयारी किसान करीब 8-10 दिन पहले से करने लगते हैं. घर की सफाई की जाती है. हर जगह विशेषकर गावों में जोरोशोरो से तैयारियां की जाती हैं. पोंगल के दिन का सभी लोग इंतजार करते हैं और भगवान सूर्य देव की पूजा अर्चना करते हैं.

2018 में पोंगल कब है? When Pongal Observed in 2018

साल 2018 में पोंगल 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा.

पोंगल त्योहार 2018- Pongal celebration 2018 in Tamil Nadu

पोंगल 2018 चार दिनों तक मनाया जाएगा.

पहला दिन – भोगी पोंगल   14जनवरी

दूसरा दिन – सूर्य पोंगल    15जनवरी

तीसरा दिन – मुत्तु पोंगल   16जनवरी

चौथा दिन – कानुम पोंगल    17जनवरी

Kaanum pongal 2018 in tamil

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भोगी पोंगल Bhogi pongal 2018 – पोंगल त्योहार के पहले दिन यानी भोगी पोंगल को घरों में मिट्टी के बर्तनों में कुमकुम और स्वस्तिक लगाया जाता है. और घर के हर एक जगह में सॉफ सफाई की जाती है. पोंगल के पहले दिन भगवान इंद्र की पूजा की जाती है क्यूंकी भगवान इंद्र ही बारिश करते हैं और उनको ही बादलों के सर्वोच्च शासक के रूप में जाना जाता है. अच्छी फसल के लिए अच्छी बारिश का होना ज़रूरी होता है. इसलिए अच्छी फसल होने की ख़ुसी में किसान भगवान इंद्र की आरधना करते हैं उनको धन्यवाद करते हैं. और भगवान से अपना आशीर्वाद बनाए रखने को कहते है ताकि उनके घर में और देश में भरपूर धन और समृद्धि बने रहे.

सूर्य पोंगल Surya pongal 2018- सूर्य पोंगल को घर के सबसे बड़े व्यक्ति को भगवान सूर्य के लिए पोंगल बनाने को कहा जाता है. मिट्टी से बने बर्तन में चावल और पानी डालकर पकाया जाता है. इस तरह पके हुए चावल को ही पोंगल कहा जाता है. इस दिन घर के सभी लोग पारंपरिक पोशाक और चिह्नों को पहनते हैं। इस दिन घर में कोलाम जो एक शुभ चिन्ह माना जाता है बनाया जाता है. इसको बनाने के लिए सुबह सुबह स्नान के बाद घर में सफेद चूने के पाउडर से बनाया जाता है. इस पके हुए चावल से भगवान सूर्य की पूजा की जाती है और उनको हमेशा अपना आशीवाद बनाए रखने की कामनायें की जाती हैं.

Mattu pongal 2018 in Tamil

मट्टू पोंगल Mattu pongal 2018- तमिलनाडु में तीसरे दिन को मट्टू पोंगल कहा जाता है. इस दिन गाय की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. गाय को सजाया जाता है उसके गले में घंटियाँ और फूलों की माला बांधी जाती है फिर गाय की पूजा की जाती है। क्यूँ की किसान के लिए गाय का बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. गाय ही किसान को खाद और दूध देती है. गाय को पोंगल खिलाया जाता हैं. गाय के अलावा दूसरे पालतू पशुओं का भी आदर-सत्कार किया जाता क्योंकि किसान के हर पल का साथ उसके पशु होते हैं. फसल की सिंचाई से ले कर फसल के कटाई तक पशु किसान की बहुत मदद करते हैं उसके हास सुख दुख में भागीदार होते हैं. इसलिए भी हिंदू धर्म में पशुओं को सम्मान और पूजा जाता है. इस दिन गावों में हर कोई अपने गाय, बैलों को सजाते हैं और उनकी पूजा करते हैं.  इस दिन का एक और महत्व है. इस दिन सभी महिलाएं अपने भाइयों के अच्छे जीवन और सफलता के लिए कामना करती हैं। इस दिन घरों में स्वादिष्ट मिठाइयाँ और पकवान बनाये जाते हैं और एक दूसरे को भेंट स्वरूप दिए जाते हैं.

कानुम पोंगल Kaanum pongal 2018- पोंगल का अंतिम दिन कन्नुम पोंगल के नाम से जाना जाता है। इस दिन घर के सदस्य और रिश्तेदार सभी लोग आपस में बिताते हैं और साथ में खाना खाते हैं. इस दिन हल्दी के पत्ते को धोकर इसमें खाना परोसा जाता है खास कर मिठाई चावल सुपारी गन्ना. इस दिन सभी लोग अपने से बड़े लोगों का आशीर्वाद लेते हैं और छोटों को प्यार और उफर देते हैं.

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