‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ राजस्थान में

‘फेस्टिवल ऑफ भारत’राजस्थान (The Festival of Bharat 2018)

 Festival of Bharat 2018

 

नई दिल्ली- अगर आपको फेस्टिवल का शोक है और हमेशा कुच्छ अलग देखना पसंद करते हैं तो आप के लिए एक अच्छी खबर है. अगर आप भारत की विभिन्न् संस्कृति को एक ही स्थान मई देखना चाहते है तो आ जाइए राजस्थान जहाँ एक अनुखा फेस्टिवल आप जैसे ही लोगों के होने जा रहा है.

जैसा की हम सब लोग जानते हैं की नया साल आते ही सेलिब्रेशन टाइम शुरू हो जाता है. हर जगह नए-नए फेस्टिवल शुरू हो जाते हैं.  हम जिस अनौखे फेस्टिवल की बात करने जा रहे हैं उसका नाम है ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’. राजस्थान में 2018 में 1 से 4 मार्च तक चार दिवसीय महोत्सव ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ का आयोजन किया जाएगा. इस महोत्‍सव का आयोजन राजस्थान में 1 से 4 मार्च 2018 को किया जाएगा. यह महोत्सव चार दिनो तक चलेगा जिस में भारत के हर राज्य की झल्कियां होंगी. इस त्योहार मई आपको हर राज्य की विशेष खूबियाँ, पकवान, लोक गीत संगीत, योग, ऑर्गेनिक होली पार्टी का आनन्द मिलेगा.

Latest Yoga events in india

 

फेस्टिवल ऑफ भारत” के आयोजक

देश की खूबियों का जश्न मनाने के लिए राजस्थान में 2018 में 1 से 4 मार्च तक चार दिवसीय महोत्सव ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ का आयोजन किया जाएगा. ‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ का आयोजन पहली बार हो रहा है. यह त्योहार अपने आप मई खास है क्यूँ की इसका आयोजन राजस्थान सरकार, ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के समर्थन और पर्यटन मंत्रालय के ‘अतुल्य भारत अभियान’ के सहयोग से होगा.‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ का यह पहला सँस्करण होगाजो की तिजारा फोर्ट पैलेस, राजस्थान में होने जा रहा है.

क्या है खूबी इस फेस्टिवल की?

The Festival of Bharat Music

सबसे बड़ी खूबी इस महोत्सव की यह है की यह पहले बार मनाया जाएगा और इसमे देश के हर एक राज्य की खूबसूरती होगी. इस महोत्सव में संगीत, लोक गीत, साहित्य उत्सव वार्ताएं और बहस, योग, ऑर्गेनिक होली पार्टी और जैविक खाद्य उत्सव जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे. कार्यक्रम में लोकल और प्रख्यात कलाकारअपनी कला का नायाब नमूना पेश करेंगे, जिनमें से भारतीय शास्त्रीय बांसुरीवादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और ग्रैमी विजेता हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत वादक विश्व मोहन भट्ट प्रमुख हैं.

‘फेस्टिवल ऑफ भारत’ एक अपने आप में अनेकता मई एकता का संदेश देने वाला है जहाँ हर तबके का आदमी अपने आपको देश और देश की संस्कृति से जोड़ सकता और अपने देश के हर एक राज्य की खूबियों को बारीक से जान सकता है. इस तरह के महोत्सव आपस में एक दूसरे को समझने का भी मौका देते हैं. तो जाइए और अपने देश और राज्य को करीब से जानिए.

हमारी यह पोस्ट आपको कैसी लगी ज़रूर बतायें. इस पोस्ट को facebook twitter में share करें.

Leave a Comment