वैष्णो देवी मंदिर कैसे पहुंचे

वैष्णोदेवी यात्रा – Vaishno Devi Yatra

नई दिल्ली, 1 जनवरी 2018- कहा जाता है की माता वैष्णो देवी अपने पास जिसको बुलाती है वो भाहूत ही भाग्यशाली होता है. हर किसी के भाग्य में नही होता माता के दर्शन के. लोखों हज़ारों में कुछ ही भाग्यशाली लोग होते हैं जिनको माता वैष्णो देवी अपने दरबार में बुलाती है. वैसे भी माता वैष्णो देवी की महिमा से कोई भी अंजान नहीं हैं| आजकल वैसे तो माता वैष्णो  के दरबार में पहुँचने के बहुत सारे साधन हो गये हैं लेकिन एक समय था जब लोग बहुत दूरी केवल पैदल ही तय किया करते थे. आजकल माँ के भवन के पहले चरण तक जाने के लिए ट्रेन की व्यवस्था हो गई हैं| आज से कुछ समय पहले माता के दरबार तक पहुँचने के लिए लोग पहले जम्मू आते हैं फिर बस या टैक्सी की सुविधा से कटरा तक पहुचते थे| परंतु अब कटरा तक ट्रेन की सुविधा हो जाने  लोग दूर-दूर से आते हैं| माता वैष्णो देवी के दरबार जाने से लोगों की मुरादें पूरी होती हैं. लोग अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में आतें हैं और माता सभी के दुखों का निवारण करती हैं. माँ सबकी मुरादे पूरी करती हैं| और भक्तो को मनचाहा वरदान देती हैं|

हर साल माता के दरबार में पहुँचे वालों की संख्या में बढ़ोतरी होती रहती है. वर्ष 2016 में यात्रा का आंकड़ा 7723721 रहा था। लेकिन 2017 में कश्मीर में अशांति और काई आतंकवादी घटनाएं होने के बाबजूद श्रद्धालु लगातार वैष्णो देवी पहुंचते रहे। वर्ष 2017 में अब तक करीब 3.2 लाख अधिक श्रद्धालु वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे हैं। नववर्ष 2018 आगमन पर भी माता के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने की उम्मीद है. इसलिए  राज्य के राज्यपाल व श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एनएन वोहरा ने श्राइन बोर्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या ना हो. सभी को निर्देश दिए गये हैं की यात्रियों को बिजली, पानी, रहने की जगह, तथा स्वास्थ्य सेवा की सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

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माता वैष्णो देवी की यात्रा हिन्दी में

Mata Vaishno devi ki yatra in Hindi

Vaishno devi yatraa in Hindi

वैष्णो देवी जाने के साधन:- माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए आप खच्चर, ऑटो, हेलीकाप्टर, या फिर पालकी बुकिंग कर सकते हैं. आधे रास्ते तक आप ट्रेन से जा सकते है फिर वहाँ से आयेज की यात्रा के लिए खच्चर या ऑटो बुक कर सकते हैं. याद रहे की ऑटो की सवारी केवल अर्द्धकुवारी से भवन तक ही होती हैं| और इसके लिए भी अड्वान्स में बुकिंग करवानी पड़ती हैं|

वैष्णो मंदिर कैसे पहुंचे

Vaishno devi jane ka rasta

पहला पड़ाव है कटरा- कटरा ही वह स्थान है जहाँ से चढ़ाई शुरू होती है. माता के दर्शन के लिए जाने से पहले आपको कटरा में रुकना ही पड़ेगा क्योंकि कटरा में ही यात्रा की पर्ची कटवानी पड़ती हैं| पर्ची आपको मुफ्त में दी जाती हैं| कटरा में रहने की कोई समस्या नही है क्यूंकी यहाँ जगह-जगह पर होटल्स व् धर्मशाला हैं| अगर आप चाहें तो बिना आराम किए ही कटरा से सीधी भी चढाई शुरू कर सकते हैं| वैसे भी माता के दर्शन करना है तो थकान कैसा? माता वैष्णो देवी  का दरबार कटरा से 14 किलोमीटर की दूरी पर हैं| यात्रा का पहला चेक-इन पॉइंट बाण गंगा है| बाण गंगा ही वो स्थान हैं जहाँ पर माता ने हनुमान की प्यास बुझाई थी व् अपने केश धोएं थे| तभी से उस जगह का नाम बाण गंगा पद गया. बाण गंगा के बाद चरणपादुका मंदिर आता हैं उसके थोड़ी दूर पर अर्द्धकुवारी है. अर्द्धकुवारी का भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान है माता वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान. ऐसी मान्यता है की अर्द्धकुवारी के दर्शन करना ज़रूरी होता है.

Vaishno devi yatra ke raste

सांझी छत के दर्शन:- अर्द्धकुवारी से एक रास्ता कटता है जिस रास्ते पर जाने से सांझी छत के दर्शन होते हैं| क्यूंकी सांझी छत की चढ़ाई काफ़ी कठिन है इसलिए पहले से ही खच्चर, ऑटो, या फिर पालकी की बुकिंग करना चाहिए. सांझी छत के दर्शन भी एक पड़ाव है जिसे कुच्छ लोग नही भी करते हैं क्यूँ की हर कोई माता के दर्शन जल्दी से करनाचाहता है.

माता का दरबार:- माता के दरबार में पहुँचते ही आपको उस पर्ची पर सील लगवानी पड़ती हैं जो आपको यात्रा के पहले पड़ाव में मिलती है. बिना इस पर्ची के आपको दर्शन नही करने दिया जाएगा. इसलिए इस पर्ची को संभाल कर रखें. एक बार जब पर्ची वेरिफाइ हो जाएगी तो आप फिर माता केदर्शन कर सकते हैं.

ना भूलें भैरो बाबा के दर्शन करना:- कहा जाता है की माता वैष्णो देवी की यात्रा को तब तक पूरी नही हैं जब तक की बाबा भैरव नाथ के दर्शन न हो. क्यूंकी माता का भैरो नाथ  बाबा को वरदान था की जो भी मेरी यात्रा पर आएगा उसको भैरो नाथ के दर्शन करना ज़रूरी होगा नहीं तो यात्रा सफल नही मानी जाएगी. इसलिए आप जब भी वैष्णो देवी की यात्रा पर जायें भैरो बाबा  के दर्शन ज़रूर करें.

वैष्णो देवी यात्रा के दर्शनीय स्थान- माता का भवन, चरण पादुका, बाणगंगा, अर्द्धकुमारा, सांझी छत, भैरव मंदिर प्रमुख स्थल हैं।

वैष्णो देवी की आरती का समय- माँ वैष्णो देवी की आरती हर दिन सुबह 4:30 से 6:00 बजे और संध्या पूजा सांय 6:00 बजे से 7:30 बजे तक होती है।

माता वैष्णो देवी की दूरी

Vaishno Devi Distance From Different Cities

जम्मू से कटरा- 48 किलोमीटर

कटरा से वैष्णो देवी- 13 किलोमीटर (पैदल)

दिल्ली से दूरी- 663 किमी

चंडीगार्ह से वैष्णो देवी की दूरी- 384 किलोमीटर

लखनऊ से वैष्णो देवी- 548 किलोमीटर

मुंबई से वैष्णो देवी की दूरी- 1415 किलोमीटर

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